रामनगर।कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना के बाद शनिवार को रामनगर स्थित पिरुमदारा गुरुद्वारा साहिब में सिख संगत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सिख समाजसेवी सरदार जनरल सिंह बदेसा ने की,बैठक में बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों ने भाग लिया और कर्णप्रयाग प्रकरण में उत्तराखंड सरकार एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की।साथ ही कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा दिए जा रहे भड़काऊ बयानों का विरोध करते हुए प्रदेश में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई।बैठक में कहा गया कि कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद सरकार और प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी और निष्पक्ष कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए, सिख समाज ने कहा कि उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाने में समाज के विभिन्न वर्गों और प्रदेशवासियों ने भी सहयोग किया, जिसके लिए वे सभी के आभारी हैं।गुरुद्वारा के वरिष्ठ सदस्य सरदार जनरल सिंह बदेसा ने कहा कि पिरुमदारा गुरुद्वारा में आयोजित बैठक में पूरे क्षेत्र की संगत और विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया था।उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद प्रारंभिक स्तर पर कुछ सिख युवकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। लेकिन बाद में सरकार और प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और दोनों पक्षों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य किया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल के बाद मामले में सुनवाई आगे बढ़ी और संबंधित शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई।जनरल सिंह बदेसा ने यह भी कहा कि पंजाब से कुछ लोग उत्तराखंड आने के लिए निकले थे, जिन्हें पांवटा साहिब के पास प्रशासन ने रोककर शांतिपूर्ण वार्ता की उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस ने उन्हें पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों जिसमे यूकेडी के भी कुछ लोग और उनके कुछ सदस्य इस पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत कर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वर्षों से हिंदू और सिख समाज के बीच मजबूत भाईचारा रहा है और कुछ लोग वोट की राजनीति के लिए इस सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं।,उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने सूझबूझ के साथ स्थिति को संभाला और शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।वहीं सिख समुदाय के सदस्य निर्मल सिंह ने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना को लेकर आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें धामी सरकार और प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई का स्वागत किया गया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिंदू और सिख समाज दशकों से प्रेम, विश्वास और भाईचारे के साथ रहते आए हैं और भविष्य में भी इसी परंपरा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।बैठक में समाज के लोगों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ बयानबाजी से बचना चाहिए। कानून और प्रशासन पर भरोसा रखते हुए सामाजिक एकता को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी शांति, सौहार्द और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान बैठक में सरदार निर्मल सिंह, हरभजन सिंह, कुलदीप सिंह, जोगेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, सतवीर सिंह, बंता सिंह, गुरदेव सिंह,इकबाल सिंह, मनदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख संगत के लोग मौजूद रहें।
