देहरादून-रायपुर थाने के हवालात में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत के बाद रविवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसमें मौत की वजह पार्शियल हैंगिंग सामने आई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक के गदर्न की हड्डी टूटने से उसकी मौत हुई है। अग्रिम जांच के लिए बिसरा को फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।
शनिवार दोपहर एक पेट्रोल पंप पर हंगामे के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की रात के समय हवालात में मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि सुनील ने चादर का एक कोना फाड़कर गेट से लटककर फांसी लगा ली। पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद कई सवाल उठे। रविवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की शुरूआती रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी ही सामने आई है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इसे पार्शियल हैंगिंग बताया है। इसमें युवक ने घुटनों के बल बैठकर पूरा भार फंदे पर डाल दिया था। इसमें उसके गर्द की हड्डी टूट गई। जिससे उसकी मौत हो गई।
पीआरपीडी जवान की हवालात में मौत के प्रकरण के बाद कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों पर एसएसपी सख्त हैं। उन्होंने ड्यूटी के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने पर उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।
यह है पार्शियल हैंगिंग
फॉरेंसिक विशेषज्ञ के मुताबिक जब किसी भी व्यक्ति के शरीर का पूरा वजन फांसी के फंदे पर नहीं होता, यानी शरीर का कोई हिस्सा (जैसे पैर, घुटने) जमीन या किसी सतह को छू रहे होते हैं। इसे आंशिक फांसी या पार्शियल हैंगिंग कहते हैं। पूर्ण फांसी में शरीर हवा में लटका होता है।
मृतक के पास से मिली थी नकली पिस्टल
पुलिस के मुताबिक मृतक सुनील के पास से पुलिस को नकली पिस्टल भी मिली थी। वह अक्सर उसे अपने साथ रखते थे। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इसी पिस्टल से वह रौब दिखा रहे थे। इसके बाद पेट्रोल पंप कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पिस्टल को कब्जे में लेकर जांच में शामिल किया गया है।
एक महीने पहले लच्छीवाला टोल प्लाजा पर भी हुआ था विवाद
पुलिस का कहना है कि करीब एक महीने पहले मृतक की ओर से लच्छीवाला टोल प्लाजा पर पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद किया गया था। इसके बाद डोईवाला थाने की पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उनकी ओर से पैसे न देने के लिए जमकर हंगामा किया था।
पोस्टमार्टम की शुरूआती रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगना सामने आया है। बिसरा भी सुरक्षित किया गया है। फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।
– प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी देहरादून।
