उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए अगले सप्ताह से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि 15 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी जाएंगी। इस वर्ष 60 प्रतिशत पंजीकरण ऑनलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन होंगे।
बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथि चार मई निर्धारित हो गई है। अन्य तीनों धामों के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि व अक्षय तृतीया पर्व पर स्पष्ट हो जाएंगी। प्रशासन 30 अप्रैल से चार मई तक सभी चारों धामों के कपाटों के खुलने की संभावित तिथि को देखते हुए तैयारियों में जुट गया है। ऑनलाइन पंजीकरण वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/ के माध्यम से कराए जाएंगे।
बुधवार को चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन ने ट्रांजिट कैंप में संबंधित जनपदों के डीएम व एसपी सहित तीर्थ पुरोहितों व विभिन्न संगठनों के साथ बैठक की। इस दौरान चारधाम यात्रा को सफल बनाने के लिए सुझाव भी लिए गए। गढ़वाल आयुक्त व चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि पिछले वर्ष ऑनलाइन पंजीकरण देर से शुरू होने पर काफी दिक्कतें आई थीं।
इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार अगले सप्ताह से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किए जाने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग ने निजी वाहनों का भी ग्रीन कार्ड बनाने का सुझाव दिया। तीर्थ पुरोहित समाज ने पंजीकरण व टोकन व्यवस्था को अव्यावहारिक बताया। कहा कि पंजीकरण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, चमोली डीएम संदीप तिवारी, रुद्रप्रयाग डीएम सौरभ गहरवार, पौड़ी डीएम डाॅ. आशीष चौहान, उत्तरकाशी डीएम डाॅ. मेहरबान सिंह, टिहरी डीएम मयूर दीक्षित, हरिद्वार डीएम कर्मेंद्र सिंह सहित इन जनपदों के एसएसपी व एसपी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रथम माह में नहीं होगी वीआईपी व्यवस्था
यात्रा के दौरान कोई अव्यवस्था न हो इसके लिए यह निर्णय लिया गया है कि यात्रा के प्रथम माह के दौरान कोई भी वीआईपी व्यवस्था नहीं होगी। किसी भी तीर्थयात्री को वीआईपी स्कार्ट आदि नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव की ओर से अन्य प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक अनुरोध पत्र भेजा जाएगा।कहां कितने पंजीकरण काउंटर