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सोमवार को सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को वित्तीय प्रबन्धन को बेहतर बनाने के लिए निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है। उन्होंने सभी विभागों सेेे अपनी सम्पत्तियों की इन्वेन्ट्री तैयार करने के साथ आधुनिक तकनीक के आधार पर इनका संरक्षण किये जाने के साथ सम्पत्तियों का विवरण भी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने सभी सचिवों से विभागीय कार्यकलापों में किये जाने वाले सुधारों पर भी ध्यान देने का कहा। उन्होंने विभागीय सेवाओं को भी बेहतर बनाये जाने तथा आगामी तीन वर्षाे के बाह्य सहायतित योजनाओं के तहत क्या योजनाए लोक हित में आवश्यक है, इसके प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने को कहा। अवस्थापना विकास से संबंधित परियोजनाओं को कम्प्रहेंसिव स्टडी की भी उन्होेंने जरूरत बतायी। मुख्य सचिव ने राज्य से जुडे पुरातन अभिलेखों का डिजीटलीकरण किये जाने पर बल देते हुए इसके लिए भी प्रयास करने के निर्देश दिये। इन अभिलेखों का अर्काइव के साथ सभी प्रमुख रिकार्ड रखने वाले विभागों व संस्थानों से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने एग्री स्टेक इन उत्तराखण्ड के तहत कृषि के अन्तर्गत डिजीटल क्राप सर्वे एवं फारमर रजिस्ट्री में भी तेजी लाये जाने को कहा। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी सचिवों से उनकी विभागीय प्राथमिकताओं की जानकारी लेने के साथ ही सभी जिलाधिकारियों से वीडियों कांफ्रेंसिग के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। जिला स्तर पर अपनाई जाने वाली बेस्ट प्रेक्टिसेस के तहत जिलाधिकारी अल्मोडा एवं पौडी द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने आगामी बैठक में जिलाधिकारी टिहरी एवं उधमसिंह नगर से जनपद में अपनाई जाने वाली बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रस्तुतिकरण देने को कहा।

इस अवसर पर सभी प्रमुख सचिव व सचिव के साथ ही आयुक्त व जिलाधिकारी विडियो के माध्यम से उपस्थित थे।

By admin

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