ऋषिकेश -सोमवार देर रात ऋषिकेश में हुए रेल हादसे की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि घटना के समय ट्रेन में लोको पायलट नहीं था। शंटिंग मास्टर ने जीरो प्रेशर के साथ खड़ी ट्रेन से चेन और गुटके हटा दिए। यार्ड में ढलान होने से ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और हादसा हो गया।
गौरतलब है कि योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूरी पर स्थित खांड गांव इलाके में लक्ष्मीबाई नगर-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस (14310) के तीन कोच और इंजन पटरी से उतर गए। ट्रेन की गति अधिक होने के कारण कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
चौंकाने वाली बात सामने आई
घटना के बाद रेलवे विभाग में अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली और मुरादाबाद से बड़ी संख्या में अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक हादसा तब हुआ जब ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए यार्ड की लेन नंबर 10 में खड़ा किया गया था। इस मामले में लोको पायलट के बयान दर्ज कराए गए तो चौंकाने वाली बात सामने आई। उसने अपने बयान में बताया कि घटना के समय वह ट्रेन में नहीं था।
