ऋषिकेश-ढालवाला स्थित महंत प्लॉट क्षेत्र में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों ने चूर्ण समझकर चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा तफरी मच गई और सभी बच्चों को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। समय रहते उपचार मिलने से बड़ा हादसा होने से बच गया।
बच्चों की दादी कि ओर से घर पर तैयार किया गया चूहे मारने का चूर्ण एक डिब्बे में रखा हुआ था। खेल-खेल में बच्चों ने उस डिब्बे को खोलकर देखा और उसे खाने योग्य चूर्ण समझ लिया।
